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दुर्ग

हेलमेट न पहनने के कारण आरक्षक उपेंद्र तिवारी की दर्दनाक मौत

दुर्ग । दुर्ग में 25 दिसंबर की रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आरक्षक उपेंद्र तिवारी की मौत हो गई। वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे जब उनकी बाइक सड़क किनारे लगे ट्रांसफॉर्मर से टकरा गई। इस हादसे में उपेंद्र को सिर पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी जान चली गई।

यह हादसा और भी दुखद है क्योंकि उपेंद्र ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। अगर उन्होंने हेलमेट पहना होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। यह हमें यह याद दिलाता है कि सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल, जैसे हेलमेट, बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

उपेंद्र तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के निवासी थे। वह 2007 बैच के सिपाही थे और भिलाई में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके माता-पिता उत्तर प्रदेश से भिलाई आ रहे हैं, और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

यह हादसा बुधवार रात लगभग 11 बजे का है, जब उपेंद्र अपनी बाइक (CG 07 AW 2208) से अकेले हरि नगर स्थित अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वह क्रिश 2 होटल के पास पहुंचे, बाइक तेज रफ्तार में सड़क किनारे लगे ट्रांसफॉर्मर से टकराई। इसके बाद वह नाली में गिर पड़े और उनके सिर में गहरी चोट लग गई।

घटना की सूचना मिलते ही सुपेला और स्मृति नगर पेट्रोलिंग मौके पर पहुंची। इसके बाद 112 और 108 एंबुलेंस भी आई और उपेंद्र को गंभीर हालत में चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका शव अब दुर्ग स्थित मॉर्चुरी में रखा गया है।

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